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Dr. Babasaheb Ambedkar Jayanti 2020 || Babasaheb Ambedkar status

Babasaheb Ambedkar status
Written by admin

Dr. Babasaheb Ambedkar Jayanti Status, Dr. Babasaheb Ambedkar Jayanti 2020  दोस्तों आज हम आप के लिए Dr. Babasaheb Ambedkar status लेकर आये हैं दोस्तों आप को अगर नही पता तो हम आप को बता दे की हर साल 14 April को मनाया जाता हैं

एक आकस्मिक पर्यवेक्षक के लिए, डॉ। बाबासाहेब अम्बेडकर जयंती  2020 समारोह उतना महत्वपूर्ण नहीं हो सकता है। हालांकि, जिन लोगों को ऐतिहासिक महत्व और अवसर की भयावहता की समझ है, उनके लिए यह स्पष्ट हो जाता है कि उत्सव को वास्तव में बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। स्वराज का अर्थ संस्कृत में ‘स्वशासन’ है।

गरीब किसानों के लिए, जाति-शासित शासकों द्वारा शासित होना गुलामी से कम नहीं था। एक सामान्य व्यक्ति होने के नाते, उन्हें दास होने या हथियार उठाने के बीच विकल्प दिया गया था। जाति व्यवस्था के बंधन से मुक्ति की दिशा में पहला कदम स्वराज ने बनाया था। इसका मतलब था कि जमींदारों, साथ ही अमीर व्यापारियों को अपने गुणों को छोड़ना पड़ा।

Babasaheb Ambedkar Jayanti क्यों मानते हैं

अंबेडकर जयंती या भीम जयंती भीमराव आम्बेडकर जिन्हें डॉ॰ बाबासाहेब आंबेडकर के नाम से भी जाना जाता है, के जन्म दिन १४ अप्रैल को तौहार के रूप में भारत समेत पुरी दुनिया में मनाया जाता है।[1] इस दिन को ‘समानता दिवस’ और ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकी जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले आंबेडकर को समानता के प्रतीक और ज्ञान के प्रतीक माना जाता है। आंबेडकर विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन, संविधान निर्माण और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है

Babasaheb Ambedkar status

यह पूरा होने के बाद ही, क्या आजादी का कोई वास्तविक मौका था। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, पूर्व सेवक अपने स्वयं के मामलों के प्रबंधन का काम अपने हाथ में ले सकते थे। लेकिन असली आजादी आसानी से नहीं मिली। यही कारण था कि सन्यासियों – मूल जाति व्यवस्था – को भूमि के धर्म या कानून का प्रशासन करने के लिए चुना गया था।

उनके लिए यह कर्तव्य की बात थी। नई जाति-मुक्त समाज समस्याओं के अपने हिस्से के बिना नहीं था। शुरुआती चरणों में, लोग मौजूदा वर्ग प्रणालियों द्वारा प्रदान किए गए सापेक्ष आराम में रहने के लिए काफी संतुष्ट थे। हालांकि, जब नई जाति को व्यवस्था बनाए रखने की समस्या का सामना करना पड़ा, तो इसने जनता का विश्वास खो दिया।

आखिरकार, राजपूतों को आदेश बहाल करने में इतनी दिलचस्पी हो गई कि उन्होंने कई ब्राह्मणों को मार डाला। इससे पुरानी सामाजिक संरचनाओं का एक अपूरणीय विघटन हुआ। जब राजपूतों को अंततः पता चला कि वे स्वराज की लड़ाई हार गए हैं, तो उन्होंने सामाजिक व्यवस्था में पूर्ण परिवर्तन लाने का फैसला किया।

राजपूतों ने प्राचीन जाति-व्यवस्था की ओर रुख किया और ‘मक्का’ मक्का मस्जिदों की प्रतिमाओं को तोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने तब जातियों के सभी रूपों को रेखांकित किया। हालांकि, जब राजपूतों को पता चला कि मुगलों ने देवदत्त मंदिर में मंदिरों को हटाने के लिए अनिच्छुक थे, तो उन्होंने अपना धैर्य खो दिया। उन्होंने मंदिर को ध्वस्त करने का फैसला किया। इसके कारण कम से कम 500 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर ब्राह्मण थे।

 

Dr. Babasaheb Ambedkar status || Dr. Babasaheb Ambedkar status

 

खाली नाम के यहा पर कितने भगवान हो गये……….
लेकीन एकही भीम के करम से आज हम इन्सान बन गये……….
जिन्हे चलना, संभलना याद न था….
आज धूल से उठकर आसमान बन गये …….
ये मेरे भीम बाबा हमको है बचाया तुमने…..
अरे ठुकराया था उस दुनिया ने…..
तो पहले गले से लगाया तुमने.

 

आज का दिन है बड़ा महान
बनकर सूरज चमका इक इंसान
कर गये सबके भले का ऐसा काम
बना गये हमारे देश का संविधान

 

नज़ारे देखे हमने हजारों
देखा न कभी ऐसा नजारा
आसमां में देखे सितारे बहुत
पर भीम जैसा सितारा न देखा

 

जय भीम स्टेटस मराठी
ज्या देशाने शोक सोडला त्या देशासाठी.
जिहेउआ जो आत्मसन्मान शिकवत होता
कोण वादळ दाबा आम्हाला शिकवले
त्या देशातील दीपक म्हणजे अनमोल दीपक, ज्यांना बाबासाहेब म्हणतात.
आज आपण हृदयाशी आपले हृदय वर्ज्य करु,
आज आपण सर्वजण एकत्र आंबेडकर जयंती साजरी करतात.

 

रुतबा मेरे सर को तेरे संविधान से मिला है
ये सम्मान भी मुझे तेरे संविधान से मिला है
औरो को जो मिला है वो मुकदर से मिला है
हमें तो मुकदर भी तेरे संविधान से मिला है
*ना ‘जिंदगी’ की खुशी* ना ‘मौत’ का गम*
*जब तक है..दम..*”जय भीम” कहेंगे हम….!!!*

 

निळा श्वेत शर्टवर पडत आहे ….
तुमच्या बुद्धीतून श्रीमंतांची संपत्ती मिळाली आहे ….
सगळे भाऊ भावाला गहाळ होत नाही …
मला एकत्र राहण्याची इच्छा आहे …
छावाडो के परिया अा और भिमवालो …
दिल ते दिल मिलन ये भीम जयंती आली आहे

 

देश के लिये जिन्हो ने विलाश को ठुकराया था।
गीरे हुये को जिन्होंने स्वाभिमान सिखाया था।
जिसने हम सबको तूफानों से टकराना सिखाया था।
देश का वो था अनमोल दिपक जो बाबा साहब कहलाया था।
आज हम उनकी बातो को आज दिल से अपनायेंगे,च
लो आज हम सब मिलकर आंबेडकर जयंती मनाये।

 

नीले अर्श पर नीली घटा छायी है ….
तेरे करम से बुद्ध की दौलत पायी है….
कोई नही पराया सारे भाई भाई है…
मिल जुलकर रहने मै सबकी भलाई है…
छोड्दो अपना पराया ए जय भिमवालो…
दिल से दिल मिलाने ये भिम जयंती आयी है…

 

पैदा ना होता वो मसीहा तो खुशियों का सिलसिला नहीं होता
बे रंग रहती ये ज़मी और आसमान का रंग नीला नहीं होता
भारत तो कब का कंगाल हो जाता यारो
अगर भीम राव आंबेडकर जैसे हीरा मिला नहीं होता

 

है ये सारा जहाँ जिनकी शरण में
हमारा है नमन उन बाबा के चरण में
है पूजा के योग्य बाबा हम सबकी नजर में
आप मिलकर फूल बरसायें बाबा के चरण में.

 

देश प्रेम में जिसने आराम को ठुकराया था
गिरे हुए इंसान को स्वाभिमान सिखाया था
जिसने हमको मुश्किलों से लड़ना सिखाया था
इस आसमां पर ऐसा इक दीपक बाबा साहेब कहलाया था

 

सच्चाई को कभी यारों छोडना नहीं
अपने वादो से मुख कभी मोडना नहीं
जो भूल गये भिम के एहसान को हमेशा
ऐसे मक्कारो से रिशता भुलकर भी जोडना नहीं।

 

ज्या देशाने आरामदायी स्थिती नाकारली त्या प्रेमामध्ये देश
मेला माणूस आत्म-आदर शिकवला
कोण आम्हाला अडचणी सह लढा शिकवले
अशी घटना दीपक बाबा साहेब अशी होती.

 

सत्य कधीही सोडू नका
तुमचे शब्द कधीही विसरू नकोस
विसरला भुवनच्या नेहमीच अनुकूल
माकडांना असे प्रेम जोडणे आवडत नाही.

 

फूलो की कहानी बहारो ने लिखी…
रातो की कहानी सितारों ने लिखी…
हम नहीं है किसी के गुलाम…
क्योंकि हमारी जिंदगी,
बाबासाहब जी ने
लिखी!!
जय भिम !

 

कर गुजर गये वो भीम थे,
दुनिया को जगाने वाले भीम थे,
हमने तो सिर्फ इतिहास पढा है यारो,
इतिहास बनाने वाले मेरे भीम थे।

 

सुनकर जमाने की बाते हम अपने”
आपको” नही बदलते.
भरोसा रखते है हम खुदसे
भी ज्यादा अपने “बाप” के विचारो पर,
इसलिए हम जय भिम वाले
कभी अपने “बाप” को नही बदलते.
जय भीम

 

जिसने सबको समझा इक समान
ऐसे थे बाबा साहेब हमारे महान
सबको आजादी और ख़ुशी से जीना सिखाया भीम ने
स्वतंत्रता और समानता का नारा दिया भीम ने.

 

जिस पर चलता रहेगा ये भारत सदा
ऐसा इक रस्ता टीम बाबा बना गये
हिन्द की सरजमीं पर मेरे दोस्तों
भीम ने इक नया इतिहास लिख दिया.
* जय भीम *

 

नजारों मे नजारा देखा एसा नजारा नही देखा,
आसमान मे जब भी देखा
मेरे भीम जैसा सितारा नही देखा।

 

फूलो की कहानी बहारो ने लिखी…
रातो की कहानी सितारों ने लिखी…
हम नहीं है किसी के गुलाम…
क्योंकि हमारी जिंदगी,
बाबासाहब जी ने
लिखी!!
जय भिम !

 

कर गुजर गये वो भीम थे,
दुनिया को जगाने वाले भीम थे,
हमने तो सिर्फ इतिहास पढा है यारो,
इतिहास बनाने वाले मेरे भीम थे।

 

Babasaheb Ambedkar shayari || Babasaheb Ambedkar shayari in hindi

 

नींद अपनी खोकर जगाया हमको,
आंसू अपने गिरा कर हंसाया हमको,
कभी मत भूलना उस महान इंसान को,
जमाना कहता है बाबासाहेब आंबेडकर जिनको !!

 

सुनकर जमाने की बाते हम अपने आपको नही बदलते,
भरोसा रखते है हम खुदसे भी ज्यादा अपने बाप के विचारो पर,
इसलिए हम जय भिम वाले कभी अपने बाप को नही बदलते !!
जय भीम जय बाबासाहेब

 

नज़र उठाओ आँखे खोलो, जाकर के इतिहास पढो,
लड़ो यु नहीं आरक्षण पर काबिल बनो इतिहास गढ़ों,
बाबा साहेब काबिल बनकर इतिहास गढ़ आये थे,
बनो बनाओ बाबा साहेब फिर दुनिया पर राज़ करो !! जय भीम

 

दुनिया में इस तरह कोई महान ना हुआ,
ईमानदार तो हुए इमान ना हुआ,
वैसे तो मसीहा हुए हिन्द में बहुत,
अंबेडकर जैसा कोई भी महान ना हुआ !!

 

नजारों मे नजारा देखा एसा नजारा नही देखा,
आसमान मे जब भी देखा
मेरे भीम जैसा सितारा नही देखा !!

 

जिसने सबको समझा एक समान,
ऐसे थे बाबा साहेब हमारे महान,
सबको आजादी और ख़ुशी से जीना सिखाया भीम ने
स्वतंत्रता और समानता का नारा दिया भीम ने !!

 

नज़रों से नज़ारा देखा कभी पहले कोई ऐसा नज़ारा नहीं देखा,
आसमान में जब भी देखा हमारे भीम जैसा सितारा नहीं देखा !!
जय भीम जय भीम

 

सबके हक में सब होता पर अपने हक में क्या होता,
सबके हक में रब होता पर अपने हक में क्या होता.
सोच-सोच के दिल घबराए दशा दिशा कैसी होती,
होते ना बाबा साहेब तो अपने हक में क्या होता !!

 

लहरें तो उठे ढेर समुन्दर नहीं हुआ,
नेता हुए तो ढेर कलंदर नहीं हुआ,
अंबेडकर के बाद में इतिहास गवाह है,
दुनिया में कोई फिर से ना अंबेडकर हुआ !!

 

कर गुजर गये वो भीम थे,
दुनिया को जगाने वाले भीम थे,
हमने तो सिर्फ इतिहास पढा है यारो,
इतिहास बनाने वाले मेरे भीम थे !!

 

जिस पर चलता रहेगा ये भारत सदा,
ऐसा एक रस्ता भीम बाबा बना गये,
हिन्द की सरजमीं पर मेरे दोस्तों
भीम ने एक नया इतिहास लिख दिया !!

 

सारा जहां है जिनकी शरण में,
नमन है उस बाबा के चरण मे,
बने उस बाबा के चरणो की धुल..
आओ मिलकर चढाये शरधा के फूल.
जय भीम जय भीम !!

 

पैदा ना होता वो मसीहा तो खुशियों का सिलसिला ना होता,
बे रंग रहती ये जमी.. आसमान का रंग नीला नहीं होता,
भारत तो कब का कंगाल हो जाता मेरे यारो..
अगर भीमराव बाबा जैसा हीरा मिला नहीं होता !!

 

हमारे हौंसलो को ताजगी थोड़ी हवा देना,
जिए हम सरजमीं की खातिर इतनी इतनी वफ़ा देना,
ऐ में भीम तुम हम पर महज़ इतनी कृपया करना,
मरे हम देश की खातिर बस इतनी दुआ देना !!

 

है ये सारा जहाँ जिनकी शरण में,
हमारा है नमन उन बाबा के चरण में है,
पूजा के योग्य बाबा हम सबकी नजर में..
आओ मिलकर फूल बरसायें बाबा के चरण में !! जय भीम

 

फूलो की कहानी बहारो ने लिखी,
रातो की कहानी सितारों ने लिखी,
हम नहीं है किसी के गुलाम,
क्योंकि हमारी जिंदगी बाबासाहब जी ने लिखी !!

 

ना इश्क का शौक है.. ना मोहब्बत करते है..
भिमराज के प्रेमी है
बस सब को जय भीम कहते है !! जय भीम

 

कुरान कहता है मुस्लमान बनो..
बाइबल कहता है ईसाई बनो..
भगवत गीता कहती है हिन्दू बनो..
लेकिन मेरे बाबा साहेब का सविधान कहता है इंसान बनो !!
जय भीम जय बाबा साहेब

 

कतरा थे कभी हमको समुंदर बना दिया,
अधिकार दिया है मुकदर बना दिया,
पैरो की धुल मानती थी सभ्यता हमें..
अंबेडकर ने सबके बराबर बना दिया !!

 

देश प्रेम में जिसने आराम को ठुकराया था,
गिरे हुए इंसान को स्वाभिमान सिखाया था,
जिसने हमको मुश्किलों से लड़ना सिखाया था,
इस आसमां पर ऐसा एक दीपक बाबा साहेब कहलाया था !!

 

कर गुजर गये वो भीम थे,
दुनिया को जगाने वाले भीम थे,
हमने तो सिर्फ इतिहास पढा है यारो,
इतिहास बनाने वाले मेरे भीम थे !!

 

हर अपने को जय भीम कहना यहीं आदत हैं मेरी..
ये शान, ये शौकत और ये ईमान न होता,
आज कोई इस देश में किसी का मेहमान न होता,
नहीँ मिल पाती खुशियां हमे इस वतन में..
अगर इस देश का संविधान “बाबा साहेब ” ने लिखा न होता !!

 

Babasaheb Ambedkar status || Babasaheb Ambedkar status 2020

 

नज़र उठाओ आँखें खोलो, जाकर के इतिहास पढो
लड़ो नहीं यूँ आरक्षण पर, काबिल बन इतिहास गढ़ो
बाबा साहेब काबिल बनकर, संविधान गढ़ आये थे
बनो बनाओ बाबा साहेब, फिर दुनिया पर राज करो।

 

सबके हक में सब होता पर, अपने हक में क्या होता
सबके हक में रब होता पर, अपने हक में क्या होता
सोच सोच कर दिल घबराये, दशा दिशा कैसी होती
होते ना बाबा साहेब तो, अपने हक में क्या होता।

 

पैदा ना होता वो मसीहा तो खुशियों का सिलसिला नहीं होता
बे रंग रहती ये ज़मी और आसमान का रंग नीला नहीं होता
भारत तो कब का कंगाल हो जाता यारो
अगर भीम राव आंबेडकर जैसे हीरा मिला नहीं होता

 

कुरान कहता है मुसलमान बनो
बाइबल कहता है ईसाई बनो
भगवत गीता कहती है हिन्दू बनो
लेकिन मेरे बाबासाहेब का
संविधान कहता है मनुष्य बनो

वो समाज भी अपनी है, जो खुले गगन को सहती है
उनमें भी इज़्ज़त होती, उनमें भी गैरत रहती है
एक अकेले भीमराव, दलितों के हक में लड़ते थे
इसीलिये तो उनको दुनिया, साहेब साहेब कहती है।

 

हमारे हौसलों को ताज़गी, थोड़ी हवा देना
जिएं हम सरज़मीं के वास्ते, इतनी वफ़ा देना
ऐ मेरे भीम तुम हम पर, महज़ इतनी कृपा करना
मरें हम देश की ख़ातिर, हमें इतनी दुआ देना।

 

खाली नाम के यहा पर कितने भगवान हो गये……….
लेकीन एकही भीम के करम से आज हम इन्सान बन गये……….
जिन्हे चलना, संभलना याद न था….
आज धूल से उठकर आसमान बन गये …….
ये मेरे भीम बाबा हमको है बचाया तुमने…..
अरे ठुकराया था उस दुनिया ने…..
तो पहले गले से लगाया तुमने.

 

नजारों मे नजारा देखा एसा नजारा नही देखा,
आसमान मे जब भी देखा
मेरे भीम जैसा सितारा नही देखा।

 

देश प्रेम में जिसने आराम को ठुकराया था
गिरे हुए इंसान को स्वाभिमान सिखाया था
जिसने हमको मुश्किलों से लड़ना सिखाया था
इस आसमां पर ऐसा इक दीपक बाबा साहेब कहलाया था

 

सारा जहां है जिनकी शरण मै
नमन है उस बाबा के चरण मे
बने उस बाबा के चरणो की धुल
आओ मिलकर चढाये श्रध्धा के फूल

 

निंद अपनी खोकर जगाया हमको
आंसु अपने गिराकर हसाया हमको
कभी मत भुल ना उस महा मानव को
जमाना कहता है “बाबा साहब” जिनको

 

जब पैदा हो बच्चे तो, धरातल भीम का हो !
कसम है मुझे मेरे “भीम” की,
दिल धड़क जाता तो होगा जब हम दिया जलाते होंगें
एक दिया उस भीम के नाम…

 

जब पैदा हो बच्चे तो, धरातल भीम का हो !
कसम है मुझे मेरे “भीम” की,
दिल धड़क जाता तो होगा जब हम दिया जलाते होंगें
एक दिया उस भीम के नाम…

 

देश के लिये जिन्होने विलाश को ठुकराया था।
गीरे हुये को जिन्होंने स्वाभिमान सिखाया था।
जिसने हम सबको तूफानों से टकराना सिखाया था।
देश का वो था अनमोल दिपक जो बाबा साहब कहलाया था।
आज हम उनकी बातो को आज दिल से अपनायेंगे,
चलो आज हम सब मिलकर आंबेडकर जयंती मनाये।

 

नजारों मे नजारा देखा एसा नजारा नही देखा,
आसमान मे जब भी देखा मेरे भीम जैसा सितारा नही देखा।

 

कर गुजर गये वो भीम थे,दुनिया को जगाने वाले भीम थे,
हमने तो सिर्फ इतिहास पढा है यारो,
इतिहास बनाने वाले मेरे भीम थे।

 

गरज उठे गगन सारा,समुन्दर छोडें आपना कीनारा,
हिल जाए जहान सारा,जब गूंजे “जय भीम” का नारा।

 

सर उंचा उठाकर जिना सिखाया मेरे भीम ने
जुल्म के खिलाफ संधर्ष करना सिखाया मेरे भीम ने
आज मे बहोत उंचा उठा मुजे उंचा उठाया मेरे भीम ने।

 

भीम जैसा सूरज अगर निकला ना होता,
हम दलितों के जिवन मे ये उजाला ना होता,
मर गये होते युही जुल्म सहकर
अगर हमे भीम जैसा रखवाला मिला ना होता।

 

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